समाचार और घटनाक्रम

सतर्कता समिति

केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार-निरोधक उपाय निम्नलिखित की जिम्मेदारी है

(i) कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में प्रशासनिक सतर्कता विभाग (एवीडी);

(ii) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो

(iii) भारत सरकार के मंत्रालयांे/विभागों, केंद्रीय सार्वजनिक उद्यमों और अन्य स्वायत्त संगठनों अर्थात विभाग में सतर्कता इकाइयां ;

(iv) अनुशासनिक प्राधिकारी ; और

(v) केंद्रीय सतर्कता आयोग ।

एवीडी का संबंध लोक सेवाओं में सतर्कता के बारे में नियमों और विनियमों से होता है । सीबीआई की एसपीई शाखा लोक सेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम, 1988 के अंतर्गत किए गए अपराध सन्निहित मामलों और सतर्कता मकसद वाले लोक सेवकों द्वारा कथित तौर पर किए गए अन्य कदाचार अंतर्गस्त मामलों की जांच करती है ।

अनुशासनिक अधिकारी के पास अपने नियंत्रणाधीन लोक सेवकों के विरुद्ध लगे या उनके द्वारा किए गए कदाचारों की जांच-पड़ताल करने और उपयुक्त दंडात्मक कार्रवाई करने की संपूर्ण जिम्मेदारी होती है । यह भी अपेक्षित होता है कि उपयुक्त रोकथाम के उपाय करें ताकि उनके नियंत्रण और अधिकार क्षेत्र के अधीन कर्मचारियों के कदाचारों/धोखाधड़ी के कृत्य रोके जा सकें । मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) इन कार्यों के निर्वहन में संबंधित विभाग के प्रमुख के विशेष सहायक/सलाहकार के रूप में कार्य करता है । वह विभाग और केंद्रीय सतर्कता आयोग के बीच साथ ही विभाग और सीबीआई के बीच भी एक संपर्क अधिकारी के रूप में कार्य करता है । केंद्रीय सतर्कता आयोग प्रशासन में सतर्कता विषयों तथा सार्वजनिक जीवन में सत्यनिष्ठा की सामान्य देखरेख और नियंत्रण के लिए शीर्ष संगठन के रूप में कार्य करता है । एमईसीएल में सतर्कता संगठन के प्रमुख मुख्य सतर्कता अधिकारी (सी.वी.ओ), श्री मनीष भिमटे हैं, जो सीधे अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, एमईसीएल को रिपोर्ट करते हैं ।

शिकायतें:

कोई शिकायत दर्ज करने के पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा अपनाई गई शिकायत नीति का अनिवार्यतः अध्ययन होना चाहिए । शिकायतें/सुझाव www.cvc.nic.in. पर कंेद्रीय सतर्कता आयोग के वेब पोर्टल पर कहीं से भी इंटरनेट के जरिये दर्ज की जा सकती है ।

शिकायतें निम्नलिखित को भी भेजी जा सकती है-

मुख्य सतर्कताअधिकारी
मिनरल एक्सप्लोरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड,
डाॅ.बाबासाहब आंबेडकर भवन,
हाईलैन्ड ड्राइव रोड, सेमिनरी हिल्स,नागपुर- 440006
फोन: 0712-2511838

ई-मेलः cvo@mecl.gov.in

आॅनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए यहां क्लिक करें

मुख्य सतर्कता अधिकारी, एमईसीएल के पास शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया:


कृपया नीचे दिए गए दिशानिर्देशों का पालन करें और दी गई प्रक्रिया के अनुसार ही कार्य करें -

  • शिकायत केवल मिनरल एक्सप्लोरेशन काॅर्पोरेशन लिमिटेड, जो भारत सरकार का एक उद्यम है, के पदाधिकारियों के विरुद्ध दर्ज की जा सकती है ।
  • गुमनाम/छद्मनामी शिकायतों पर विचार नहीं किया जाता । अतः कृपया अपना सही नाम, डाक का पता और संपर्क विवरण साफ-साफ रूप में दें ।
  • शिकायतें संक्षेप में और तथ्यात्मक विवरण सत्यापन योग्य तथ्यों तथा संबंधित विषयों वाली होनी चाहिए । वे अस्पष्ट या बेतुके लांछनों और अतिरंजित विवरणों वाली नहीं होनी चाहिए क्योंकि इन्हें फाइल करने योग्य समझ लिया जाता है ।
  • शिकायत की सामान्यतः सतर्कता विभाग से पावती दी जाएगी, किंतु यह संभव नहीं है कि शिकायतकर्ता को मामले की अद्यतन स्थिति से अवगत रखा जाए । तथापि सतर्कता विभाग शिकायतों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक लेकर जाता है । ई-मेल से भेजी गई शिकायतों की पावती स्वतः कम्प्यूटर से नहीं मिलती ।
  • शिकायत दर्ज करानेवाली जनता को सलाह दी जाती है कि सीवीओ एमईसीएल से पावती मिलने के बाद उसी विषय पर पत्रव्यवहार न करते रहें ।
  • यदि यह पाया जाता है कि शिकायत झूठी थी और उससे पदाधिकारियों का उत्पीड़न हुआ है, तो शिकायतकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है । केवल सतर्कता दृष्टिकोण वाली शिकायत की जांच की जाएगी । सतर्कता दृष्टिकोण में कार्यालयीन पद का दुरुपयोग, अवैध परितोष की मांग और उसे स्वीकार करना, गबन/जालसाजी या ठगी, घोर एवं जानबूझकर लापरवाही, निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन, विवेक का अविचारी उपयोग, मामलों पर देरी से कार्रवाई आदि का समावेश है ।

सतर्कता सूचना